प्रोफेसर के.एस. कृष्णमूर्ति द्वारा प्रतिपादित कृष्णमूर्ति पद्धति (केपी सिस्टम) ने प्रश्न ज्योतिष में उप-स्वामी (सब-लॉर्ड) की सूक्ष्म अवधारणा प्रस्तुत करके फलकथन के क्षेत्र में युगांतरकारी परिवर्तन किया। पारंपरिक वैदिक ज्योतिष मुख्य रूप से राशि स्वामियों पर निर्भर रहता है, किंतु केपी ज्योतिष यह स्पष्ट करता है कि ग्रह अपने नक्षत्र स्वामी के अनुसार परिणाम निर्मित करते हैं और उस कार्य का अंतिम सकारात्मक या नकारात्मक निर्णय अपने कस्पल सब-लॉर्ड के माध्यम से देते हैं।
प्रश्न विचार में मुख्य भाव का कस्पल सब-लॉर्ड यह निर्णय करता है कि अभीष्ट घटना घटित होगी या नहीं। यदि कस्पल सब-लॉर्ड बाधक या मारक भावों से रहित होकर सहायक भावों का कार्येश बनता है, तो कार्य में निश्चित सफलता मिलती है। अपनी जन्म कुंडली के ग्रहीय सब-लॉर्ड की जांच के लिए हमारा जन्म कुंडली कैलकुलेटर देखें।