आज की ग्रह होरा (14 अक्टूबर 2026): 24 घंटे के शुभ कार्य समय | AstroLeaf
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वैदिक ग्रह होरा कैलकुलेटर

स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित दैनिक 24 ग्रह होरा, शुभ मुहूर्त और फलित गतिविधियां।

स्थान व दिनांक चुनें

वर्तमान सक्रिय ग्रह होरा
05:53 PM – 06:55 PM रात का कालखंड

सूर्य होरा (सूर्य)

मध्यम

अधिकार और स्पष्टता की ऊर्जा। प्रशासनिक निर्णय, नेतृत्व कार्य, सरकारी पत्र-व्यवहार और उच्च पदस्थ अधिकारियों से भेंट के लिए उपयुक्त।

प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण

गुप्त कार्य, समझौते, आधीनता वाले काम, साधारण धातुओं की खरीद

दिन की ग्रह होरा चक्र

सूर्योदय: 06:21 AM  |  सूर्यास्त: 05:53 PM
# समय कालखंड ग्रह होरा प्रकृति / स्थिति शुभ कार्य व गतिविधियां
1 06:21 AM – 07:18 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
2 07:18 AM – 08:16 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
3 08:16 AM – 09:14 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
4 09:14 AM – 10:11 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
5 10:11 AM – 11:09 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
6 11:09 AM – 12:07 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
7 12:07 PM – 01:04 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
8 01:04 PM – 02:02 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
9 02:02 PM – 03:00 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
10 03:00 PM – 03:57 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
11 03:57 PM – 04:55 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
12 04:55 PM – 05:53 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण

रात्रि की ग्रह होरा चक्र

सूर्यास्त: 05:53 PM  |  अगला सूर्योदय: 06:21 AM
# समय कालखंड ग्रह होरा प्रकृति / स्थिति शुभ कार्य व गतिविधियां
13 05:53 PM – 06:55 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
14 06:55 PM – 07:57 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
15 07:57 PM – 09:00 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
16 09:00 PM – 10:02 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
17 10:02 PM – 11:04 PM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
18 11:04 PM – 12:07 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
19 12:07 AM – 01:09 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
20 01:09 AM – 02:11 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
21 02:11 AM – 03:14 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
22 03:14 AM – 04:16 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
23 04:16 AM – 05:18 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण
24 05:18 AM – 06:21 AM
सूर्य (सूर्य)
मध्यम प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण

7 ग्रह होरा परिचय व पारम्परिक वैदिक उपाय

दैनिक जीवन में ग्रहीय प्रभाव, शुभ-अशुभ कार्य और सरल वैदिक उपाय तालिका।

# ग्रह (स्वामी) प्रकृति व ऊर्जा शुभ कार्य वर्जित कार्य वैदिक उपाय
1
सूर्य (सूर्य)
अधिकार और स्पष्टता की ऊर्जा। प्रशासनिक निर्णय, नेतृत्व कार्य, सरकारी पत्र-व्यवहार और उच्च पदस्थ अधिकारियों से भेंट के लिए उपयुक्त। प्रशासनिक बैठकें, नेतृत्व निर्णय, सरकारी कार्य, पदभार ग्रहण गुप्त कार्य, समझौते, आधीनता वाले काम, साधारण धातुओं की खरीद गायत्री मंत्र का जप करें, सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें
2
चंद्र (चंद्र)
सौम्य और ग्रहणशील ऊर्जा। रचनात्मक कार्य, जनसंपर्क, पारिवारिक योजना, छोटी यात्रा और जल संबंधी गतिविधियों के लिए उत्तम। रचनात्मक कार्य, जनसंपर्क, गृह सज्जा, सामाजिक मेलजोल, छोटी यात्रा विवाद, आक्रामक बहस, भारी तकनीकी निर्माण कार्य मां गौरी की आराधना करें, दूध या श्वेत वस्तुओं का दान करें
3
मंगल (मंगल)
तीक्ष्ण और आक्रामक ऊर्जा। शारीरिक अभ्यास, खेलकूद, तकनीकी उपकरण मरम्मत, संपत्ति सुरक्षा और प्रतिस्पर्धात्मक कार्यों के लिए उपयुक्त। शारीरिक व्यायाम, खेलकूद, तकनीकी मरम्मत, प्रतिस्पर्धी प्रयास शांति वार्ता, विवाह प्रस्ताव, नए कानूनी अनुबंध पर हस्ताक्षर श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें, लाल मसूर दाल का दान करें
4
बुध (बुध)
विश्लेषणात्मक और बौद्धिक ऊर्जा। व्यापारिक अनुबंध, बहीखाता, लेखन, प्रकाशन, गणना और वित्तीय शोध के लिए सर्वश्रेष्ठ। व्यापारिक सौदे, लेखा-जोखा, प्रकाशन, गणना कार्य, शोध व अध्ययन सट्टेबाजी, मौखिक वादे, जल्दबाजी में विवाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, गाय को हरी घास खिलाएं
5
गुरु (गुरु)
विस्तारवादी और धर्मनिष्ठ ऊर्जा। वित्तीय निवेश, कानूनी परामर्श, धार्मिक अनुष्ठान, उच्च शिक्षा और ज्ञान अर्जन के लिए सर्वोत्तम। वित्तीय निवेश, कानूनी परामर्श, धार्मिक अनुष्ठान, उच्च शिक्षा कपटपूर्ण मार्ग, अनैतिक कार्य, अपरिचित व्यक्तियों को ऋण देना बृहस्पति स्तोत्र का पाठ करें, चने की दाल या पीले पुष्प अर्पित करें
6
शुक्र (शुक्र)
सौंदर्यपरक और कलात्मक ऊर्जा। सामाजिक उत्सव, कला, आभूषण व वस्त्र क्रय, सौंदर्य उपचार और नए वाहन खरीद के लिए उत्तम। सामाजिक कार्यक्रम, ललित कला, विलासिता क्रय, सौंदर्य उपचार, नवीन उपक्रम कटु वाद-विवाद, शत्रुतापूर्ण कार्य, मुकदमेबाजी महालक्ष्मी मंत्र का जप करें, श्वेत मिष्ठान्न का दान करें
7
शनि (शनि)
अनुशासित और कर्मप्रधान ऊर्जा। नियमित श्रम, पुराने लंबित कार्य निपटाना, भूमि परीक्षण और शांत ध्यान-साधना के लिए श्रेष्ठ। नियमित रखरखाव, लंबित कार्यों का निपटारा, शारीरिक श्रम, मौन ध्यान नए व्यापार का शुभारंभ, विवाह संस्कार, त्वरित लाभ के सट्टेबाजी सौदे शनि चालीसा का पाठ करें, शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं

1. वैदिक ज्योतिष में ग्रह होरा क्या है?

वैदिक ज्योतिष में ग्रह होरा समय विभाजन की प्राचीन खगोलीय पद्धति है, जो सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि इन सात शास्त्रीय ग्रहों के आधिपत्य पर आधारित होती है। 'होरा' शब्द की व्युत्पत्ति संस्कृत के 'अहोरात्र' (दिन और रात) शब्द से हुई है। महर्षियों ने अहोरात्र के प्रथम अक्षर 'अ' और अंतिम अक्षर 'त्र' का लोप करके मध्य के 'होरा' शब्द का निर्माण किया।

घड़ी के 60 मिनट के सामान्य घंटों के विपरीत, वैदिक होरा दिनमान (सूर्योदय से सूर्यास्त) के 12 बराबर भागों और रात्रिमान (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) के 12 बराबर भागों पर आधारित होती है। प्रत्येक कालखंड पर उसके अधिष्ठाता ग्रह की ऊर्जा का प्रभाव रहता है, जिससे विशिष्ट कार्यों की सिद्धि में सहायता मिलती है। आज का पंचांग और मुहूर्त निर्धारण में होरा चक्र का विशेष स्थान है।

2. दिनमान और रात्रिमान के अनुसार होरा अवधि का परिवर्तन

होरा की अवधि स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करती है, इसलिए वर्ष भर ऋतुओं और भौगोलिक स्थिति के अनुसार इसकी लंबाई बदलती रहती है। ग्रीष्म ऋतु में जब दिन बड़े होते हैं, तब दिन की प्रत्येक होरा 60 मिनट से अधिक लंबी हो जाती है और रात की होरा छोटी हो जाती है। इसके विपरीत, शीत ऋतु में रातें लंबी होने से रात्रि होरा की अवधि बढ़ जाती है।

स्थान के अक्षांश और देशांतर का भी सूर्योदय-सूर्यास्त पर सीधा प्रभाव पड़ता है। AstroLeaf का उन्नत गणितीय इंजन आपके चुने हुए नगर के सटीक भौगोलिक निर्देशांकों के आधार पर दिनमान और रात्रिमान की सूक्ष्म गणना करके 24 कालखंडों का सही समय प्रदर्शित करता है। सटीक समय जानने के लिए आप हमारे सूर्योदय व सूर्यास्त कैलकुलेटर की भी सहायता ले सकते हैं।

3. 24 घंटे का ग्रहीय चक्र और वार निर्धारण

24 घंटों में ग्रहों का क्रम उनकी खगोलीय गति (धीमी से तेज) के आधार पर व्यवस्थित होता है: शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध और चंद्र।

सूर्योदय के समय दिन की प्रथम होरा सदैव उस वार (सप्ताह के दिन) के स्वामी ग्रह की होती है। उदाहरणार्थ, रविवार का शुभारंभ सूर्य होरा से, सोमवार का चंद्र होरा से, मंगलवार का मंगल होरा से, बुधवार का बुध होरा से, गुरुवार का गुरु होरा से, शुक्रवार का शुक्र होरा से और शनिवार का शनि होरा से होता है।

इसके बाद के घंटों में ग्रह इसी शास्त्रीय क्रम में आगे बढ़ते हैं। 24 में 7 का भाग देने पर 3 शेष बचता है, जिससे अगले दिन के सूर्योदय पर ठीक अगले वार के स्वामी की पहली होरा प्रारंभ होती है। यही खगोलीय नियम हमारे सात दिनों के नामों का मूल आधार है।

4. व्यापार, संपत्ति, यात्रा और स्वास्थ्य के लिए शुभ होरा चयन

विशिष्ट कार्यों को उनके अनुकूल ग्रह की होरा में आरंभ करने से कार्य में सफलता की संभावना बढ़ जाती है:

व्यापार व वित्तीय लेनदेन: गुरु और बुध की होरा नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने, व्यापारिक साझेदारियों, बहीखाता तैयार करने, बैंक खाता खोलने और निवेश के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। बुध सूक्ष्म गणनाओं को संभालता है, जबकि गुरु दीर्घकालिक समृद्धि देता है।

भूमि, भवन व प्रशासनिक कार्य: सरकारी पत्रों, पदभार ग्रहण और उच्च अधिकारियों से भेंट के लिए सूर्य होरा अत्यंत शुभ है। भूमि परीक्षण और पुराने लंबित कार्यों के लिए शनि होरा में किया गया श्रम फलदायी होता है।

यात्रा व नवीन वाहन: चंद्र और शुक्र की होरा सामाजिक यात्राओं, कला-साहित्यिक गतिविधियों और वाहन क्रय के लिए अनुकूल होती है।

स्वास्थ्य व उपचार: नई चिकित्सा योजना, स्वास्थ्य परामर्श और योग-साधना का शुभारंभ सूर्य व गुरु की होरा में करने से शारीरिक ऊर्जा और आरोग्य की वृद्धि होती है।

5. होरा, चौघड़िया और पंचांग का संयुक्त फल

मुहूर्त शास्त्र में किसी एक घटक को एकांगी रूप से देखने के बजाय समग्र पंचांग के साथ मिलाकर निर्णय लेना श्रेष्ठ माना जाता है। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ग्रह होरा को दैनिक चौघड़िया मुहूर्त और आज का पंचांग के साथ मिलाकर देखना चाहिए।

जब गुरु या शुक्र जैसी शुभ ग्रह होरा के साथ शुभ, लाभ या अमृत चौघड़िया का संयोग बनता है और वह समय राहु काल से मुक्त होता है, तब वह कालखंड किसी भी नवीन और महत्वपूर्ण कार्य के लिए सर्वोत्कृष्ट सिद्ध होता है। साथ ही चंद्र बल की पुष्टि के लिए अपनी जन्म कुंडली और वर्तमान महादशा चक्र का भी अवलोकन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वैदिक ग्रह होरा, खगोलीय गणना विधि और शुभ मुहूर्त चयन से जुड़े मुख्य प्रश्नों के उत्तर।

ग्रह होरा वैदिक मुहूर्त ज्योतिष की प्राचीन समय विभाजन प्रणाली है, जो दिन और रात को 12-12 बराबर भागों में बांटती है। प्रत्येक कालखंड पर सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र या शनि में से किसी एक शास्त्रीय ग्रह का आधिपत्य होता है।

होरा स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के वास्तविक क्षणों पर आधारित होती है। गर्मियों में दिनमान लंबा होने से दिन की होरा 60 मिनट से अधिक होती है, जबकि सर्दियों में रातें लंबी होने से रात्रि होरा की अवधि बढ़ जाती है।

गुरु (बृहस्पति) और बुध की होरा व्यापारिक सौदों, नए निवेश, बैंक खाता खोलने, अनुबंध हस्ताक्षर और वित्तीय परामर्श के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।

सूर्योदय के समय पहली होरा सदैव उस वार (सप्ताह के दिन) के स्वामी ग्रह की होती है। रविवार को सूर्य, सोमवार को चंद्र, मंगलवार को मंगल, बुधवार को बुध, गुरुवार को गुरु, शुक्रवार को शुक्र और शनिवार को शनि की पहली होरा होती है।

मंगल की होरा में शांति वार्ता, विवाह प्रस्ताव और नए अनुबंध से बचना चाहिए। शनि की होरा में नए व्यापार का शुभारंभ, विवाह संस्कार और सट्टेबाजी जैसे शीघ्र लाभ के सौदे वर्जित हैं।

AstroLeaf सटीक भौगोलिक अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के आधार पर शहर के दैनिक सूर्योदय और सूर्यास्त की खगोलीय गणना करता है और दिनमान व रात्रिमान के अनुसार 24 कालखंड निकालता है।