जन्म कुंडली केवल एक सामान्य दैनिक राशिफल नहीं है, बल्कि आपके जन्म के ठीक समय पर आकाश में ग्रहों की वास्तविक खगोलीय स्थिति का सटीक रेखाचित्र है। महर्षि पाराशर द्वारा प्रतिपादित वैदिक ज्योतिष में संपूर्ण 360 अंश के आकाश को 12 भावों में विभाजित किया गया है। प्रथम भाव (लग्न) आपके स्वास्थ्य, स्वभाव और जीवन शक्ति का केंद्र है; द्वितीय भाव संचित धन व वाणी का; चतुर्थ भाव गृह सुख व माता का; सप्तम भाव दांपत्य व साझेदारी का; नवम भाव भाग्य व धर्म का; और दशम भाव करियर, कर्म व प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व करता है।
लाहिड़ी अयनांश के आधार पर तैयार यह रिपोर्ट बताती है कि नवग्रह आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। प्रत्येक ग्रह अपने भाव स्वामित्व, दृष्टि और नैसर्गिक स्वभाव के अनुसार जातक को उसके कर्मों का फल प्रदान करता है।