वैदिक ज्योतिष में आपकी सूर्य राशि जन्म के समय आकाश में सूर्य द्वारा अधिग्रहित सटीक निरयन राशि को दर्शाती है। प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में सूर्य को आत्मकारक अर्थात आत्मा का नैसर्गिक कारक माना गया है। यह आपकी आंतरिक इच्छाशक्ति, प्राण शक्ति, पिता, नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अधिकार और व्यक्तिगत सत्यनिष्ठा को नियंत्रित करता है।
पश्चिमी ज्योतिष जहां ऋतुओं पर आधारित सायन पद्धति का उपयोग करता है, वहीं वैदिक ज्योतिष स्थिर तारामंडलों पर आधारित निरयन पद्धति का पालन करता है। पृथ्वी के अपनी धुरी पर धीमे झुकाव (अयनांश) के कारण, निरयन राशि चक्र सायन की तुलना में लगभग 24 डिग्री पीछे होता है। इसलिए यदि पश्चिमी पद्धति के अनुसार आपका जन्म वृषभ में माना जाता है, तो वैदिक निरयन गणना में आपकी वास्तविक सूर्य राशि प्रायः मेष होती है।
सूर्य आपकी जीवन दिशा और आत्म-सम्मान का निर्धारण करता है। यह दर्शाता है कि किस प्रकार का कार्य आपको आंतरिक संतुष्टि प्रदान करता है और समाज में आप किस क्षेत्र में प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं।