वैदिक ज्योतिष के शास्त्रीय सिद्धांतों के अनुसार, योग दो या दो से अधिक ग्रहों, राशियों अथवा भावों के विशिष्ट संबंध से निर्मित होने वाला ऊर्जा संयोजन है। सामान्य ग्रह स्थितियों की तुलना में, योग तब आकार लेते हैं जब ग्रह युति (एक साथ बैठना), परस्पर पूर्ण दृष्टि, राशि परिवर्तन (परिवर्तन योग) या लग्न व चंद्रमा से विशेष कोणीय दूरियों पर स्थित होते हैं।
ये शास्त्रीय ग्रह संयोग संबंधित ग्रहों के नैसर्गिक स्वभाव को रूपांतरित कर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट फल प्रदान करते हैं, जैसे प्रशासनिक सत्ता, अकूत धन संपदा, बौद्धिक प्रतिष्ठा, उच्च विद्या अथवा आध्यात्मिक वैराग्य। अपनी कुंडली के मूल ग्रह विन्यास की सटीक स्थिति जानने के लिए आप हमारे मुफ्त जन्म कुंडली कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं।