सावन सोमवार व्रत 2026 | व्रत तिथियां | AstroLeaf

सावन सोमवार व्रत 2026: व्रत तिथियां, रुद्राभिषेक, शिव पूजा विधि एवं ज्योतिषीय लाभ

प्रकाशित: 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार) | अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026 (सोमवार) · 8 मिनट पठन
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श्रावण मास भगवान शिव का सर्वाधिक प्रिय मास है। इस पावन महीने में पड़ने वाले प्रत्येक सोमवार का व्रत रखने से मनोवांछित वर की प्राप्ति, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का वरदान मिलता है। श्रावण सोमवार व्रत 2026 की सभी तिथियां, रुद्राभिषेक का वैदिक विधान, सोलह सोमवार व्रत का आरंभ और भगवान आशुतोष को प्रसन्न करने वाले अमोघ उपायों की संपूर्ण मार्गदर्शिका देखें।

श्रावण मास एवं सोमवार का आध्यात्मिक महत्व

समुद्र मंथन के समय जब हलाहल विष निकला था, तब संसार की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण कर लिया था। विष की तीव्र ज्वाला को शांत करने के लिए सभी देवताओं ने उन पर गंगाजल और शीतल द्रव्यों से अभिषेक किया था। यह घटना श्रावण मास में ही हुई थी, इसलिए इस पूरे महीने शिव जी का जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है।

श्रावण सोमवार 2026 व्रत तिथियां (पूर्णिमांत पंचांग)

उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में श्रावण मास के सोमवार निम्नलिखित तिथियों पर पड़ेंगे:

  • प्रथम श्रावण सोमवार: 03 अगस्त 2026
  • द्वितीय श्रावण सोमवार: 10 अगस्त 2026
  • तृतीय श्रावण सोमवार: 17 अगस्त 2026
  • चतुर्थ श्रावण सोमवार: 24 अगस्त 2026

शिव पूजा विधि, बिल्वपत्र अर्पण एवं रुद्राभिषेक

प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और शिवलिंग का गंगाजल व कच्चे गाय के दूध से अभिषेक करें। भगवान शिव को भस्म, त्रिपुंड, चंदन, अक्षत, धतूरा, भांग और 11 या 21 बेलपत्र अर्पित करें। ध्यान रखें कि बेलपत्र का चिकना भाग शिवलिंग की ओर होना चाहिए और पत्र कहीं से खंडित न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर हेतु श्रावण सोमवार व्रत रख सकती हैं?

हां, माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। कुंवारी कन्याओं द्वारा यह व्रत रखने से उत्तम वर की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषीय अस्वीकरण:

यह लेख केवल आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञानवर्धक उद्देश्यों के लिए संकलित किया गया है। ज्योतिषीय गणनाएं एवं मुहूर्त प्राचीन वैदिक सिद्धांतों और पंचांग गणना पर आधारित हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय हेतु अपनी व्यक्तिगत जन्म कुंडली का विश्लेषण कराएं।

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