वैदिक ज्योतिष और अंकशास्त्र में कोई भी रंग स्वाभाविक रूप से अपवित्र या अभिशप्त नहीं होता। प्रत्येक रंग एक विशिष्ट प्रकाश तरंग (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेवलेंथ) और ऊर्जा आवृत्ति का संवाहक है। जब कोई रंग आपके जन्म मूलांक या भाग्यांक के स्वामी ग्रह के प्राकृतिक शत्रु ग्रह से संबंधित होता है, तो उसे अशुभ रंग कहा जाता है। इसे शास्त्रीय भाषा में ग्रह विरोध और भौतिक विज्ञान में विनाशी व्यतिकरण तरंग प्रभाव कहा जाता है।
जिस प्रकार विपरीत ध्वनि तरंगें टकराकर एक-दूसरे की तीव्रता को समाप्त कर देती हैं, उसी प्रकार शत्रु ग्रह के रंग की किरणें आपकी आंखों और त्वचा के माध्यम से अवशोषित होकर आपके प्राणमय कोश (ऊर्जा आभामंडल) में विक्षोभ पैदा करती हैं। इससे महत्वपूर्ण बैठकों, परीक्षाओं या साक्षात्कारों के दौरान अकारण मानसिक बेचैनी, निर्णय लेने में भ्रम और त्वरित थकान का अनुभव हो सकता है।
अपने सकारात्मक शक्ति रंगों को जानने के लिए हमारे साथी शुभ रंग कैलकुलेटर का उपयोग करें, या प्रतिकूल दिनों की अग्रिम योजना के लिए अशुभ तारीख कैलकुलेटर देखें।