प्रामाणिक वैदिक अंकज्योतिष (संख्या शास्त्र) में अंक केवल गणितीय संख्याएं नहीं हैं, बल्कि वे विशिष्ट आकाशीय ग्रहों की ऊर्जा और कंपन तरंगों के प्रत्यक्ष माध्यम हैं। 1 से लेकर 9 तक के प्रत्येक मूल अंक का एक अधिपति ग्रह होता है: सूर्य (1), चंद्रमा (2), बृहस्पति (3), राहु (4), बुध (5), शुक्र (6), केतु (7), शनि (8) और मंगल (9)। जब दो अंकों का आपसी संपर्क होता है, तो उनका संबंध अधिपति ग्रहों की पारस्परिक ग्रह शत्रुता अथवा नैसर्गिक मित्रता के नियमों पर निर्भर करता है।
अशुभ अंक अथवा विरोधी अंक वे अंक होते हैं जिनके स्वामी ग्रह आपके जन्म दिवस के मूलांक के नैसर्गिक शत्रु होते हैं। यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि विरोधी अंक कोई अंधविश्वास, अपशकुन या शाप नहीं होते। यह केवल दो विपरित ऊर्जाओं के बीच होने वाला स्वाभाविक घर्षण है, ठीक उसी प्रकार जैसे किसी उपकरण को गलत वोल्टेज पर चलाने का प्रयास करना। अपने अनुकूल और शुभ अंकों को जानने के लिए हमारे शुभ अंक कैलकुलेटर पर जाएं अथवा पूर्ण जन्म विश्लेषण हेतु हमारे मुख्य वैदिक अंकज्योतिष कैलकुलेटर और वैदिक न्यूमरोलॉजी ग्रिड कैलकुलेटर का उपयोग करें।
जब आप अपने मोबाइल नंबर के कुल योग, वाहन नंबर, मकान संख्या अथवा महत्वपूर्ण व्यावसायिक अनुबंधों में विरोधी अंकों का उपयोग करते हैं, तो कार्यों में अनावश्यक विलंब, गलतफहमी या रुकावटें आ सकती हैं। अपने अंकों को समझकर और वैदिक निवारण उपाय अपनाकर आप अपने परिवेश को अनुकूल और बाधा रहित बना सकते हैं।